What is SEO ?

एस ई ओ क्या है

Tips & Tricks

एस ई ओ का पूरा नाम ( सर्च इंजिन ओप्टीमाईजेशन ) है , जो किसी भी वैबसाइट को रैंक कराने के लिए सबसे महत्वपूर्ण है, तो आज हम एस ई ओ  को एकदम अच्छे से समझने वाले हैं । तो कृपया पूरा पढ़ें, एक्चुअल मे लोगो को एस ई ओ बहुत ही कठिन लगता है , लेकिन मेरे भाई ये बहुत ही आसान है बस लोगो का भ्रम है की बहुत कठिन है । देखो कोई भी काम शुरू करने मे मुश्किल होती है ।

आप कभी भी कहीं भी जाओगे अपने वैबसाइट के एस ई ओ के लिए तो आपसे लगभग 5000-10,000 रु० एक महीने का चार्ज किया जाता है , जबकि एस ई ओ करने मे कोई भी किसी तरह का पैसा नहीं लगता , बस इंटरनेट, समय और मेहनत लगता है हम चाहे तो यूट्यूब से देखकर भी सीख सकते हैं । और अपने वैबसाइट का एस ई ओ हम खुद कर सकते हैं ।

 एस ई ओ के अलावा एक तरीका है वैबसाइट रैंक कराने का,, वो ये की अगर हम चाहे तो गूगल एड को पैसे देकर रैंक करा सकते हैं “एड” के द्वारा,जो गूगल पर ही होता है , लेकिन उसमे क्लिक के पैसे लगते हैं जैसे की मान लीजिये आपने गूगल को पैसे दिये है रैंक कराने के लिए तो वो क्या करता है , कहता है की मै आपसे 10 क्लिक के 100 रु० लूँगा ,, ‘ एक्चुअल मे वो इतना नहीं लेता है ‘ मैंने बस आपको समझाने के लिए बताया है ।

तो आप कहेंगे की ठीक है तो वो क्या करता है की आपके वैबसाइट को फ़र्स्ट पेज पर ला देगा , और तब आप देखेंगे की आपके वैबसाइट के पास छोटा सा “एड” लिखा हुआ होता है , तो कोई भी 10 लोग अगर आपके फ़र्स्ट पेज पर आए हुए वैबसाइट पर क्लिक करके आपके वैबसाइट को ओपेन करता हैं तो आपने जो गूगल एड से सौदा किया था वह खत्म हो जाता है , तो हम एक तरह से इसे भी एस ई ओ  कह सकते हैं ।

और सबसे मेन एस ई ओ  अगर हम कहें तो की-वर्ड” (टैग) होता है । कहने का मतलब है की आपने जो पोस्ट किया है वहाँ तक पहुँचने के लिए लोग उसे क्या – क्या लिखकर सर्च कर सकतें हैं , यही आपको रिसर्च करके टैग मे लिखना होता है ।

तो अब हम इसके बारे मे और भी महत्वपूर्ण बात बताते हैं ।

और अगर हम इसको एक लाइन मे समझे तो ये हमारे वैबसाइट को रैंक कराना होता है फ़र्स्ट पेज पर याहू और गूगल जैसे सर्चइंजिन पर ।

एस ई ओ 3 प्रकार के होते हैं ।

(1)   व्हाइट हैट एस ई ओ

इसको सर्च इंजिन रिकमंडेड करता है और वो इसलिए करता है क्यूकी इसमे आरिजिनल कोंटेंट होता है इमेज आपके अपने बनाए हुए और क्लियर होते है, लिंक्स कोंटेंट से मैच होते हैं ,ग्रामरेटिकल मिस्टेक नहीं होता ,और स्टैंडर्ड “एच टी एम एल” फॉलो करता है

(2)   ब्लैक हैट एस ई ओ

इसको सर्च इंजिन रिकमंडेड नहीं करता है , इसमे नियमो को तोड़कर अपने कोंटेंट पर ट्रेफिक लाया जाता है ,

जैसे-;  ड्यूप्लिकेट कोंटेंट

        इनविसिबल टेक्स्ट या की-वर्ड

        यूजर को दूसरे वैबसाइट से रिडाइरेक्ट करना

गलत साइट पर लिंकिंग करना इत्यादि ॥

इससे आपकी वैबसाइट बैन भी हो सकती है ।

(3)   ग्रे हैट एस ई ओ

ये ज्यादा ट्रेफिक तो नहीं ला पाती लेकिन कोशिस बहुत करनी पड़ती है इसमे क्यूकी ये बाकी दो से आसान होता है । ये ट्रेफिक हमे सोश्ल मीडिया के द्वारा देता है क्यूकी इसका मानना है आजकल लोग सोश्ल मीडिया पर ही ज्यादा एक्टिव रहते हैं ।।

तो कैसे लगी हमारी जानकारी आपको कमेंट बॉक्स मे जरूर बताए और एस ई ओ  से संबन्धित कोई सवाल हो तो भी आप हमे कमेंट बॉक्स मे पूछ सकते हैं।।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *