आर एस एस फीड क्या है

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आर एस एस फीड के बारे मे अभी तक तो बहुत लोगो ने सुना भी नहीं होगा , लेकिन मुझे पता है की आप सुने है और सायद थोड़ा-बहुत जानते भी होंगे तभी तो इसकी जानकारी लेने के लिए आप यहाँ तक पहुंचे हैं ।

तो मै आपको ऐसे समझाने वाला हूँ की फिर आपको आर एस एस फीड क्या है इसको सर्च करने की नौबत नहीं आएगी , तो मै आपसे बस यही कहूँगा की अगर आप अच्छे से जानकारी लेना चाहते हैं तो कृपया पूरा पढ़िये ।

क्यूंकी जो जानकारी मै बताने वाला हूँ उसको आप एक ब्लॉगर हो या यूजर आप आसानी से समझ जाएंगे क्यूंकी मै उदाहरण मे एक यूजर यानि की एक विध्यार्थी को जैसे समझाते हैं वैसे ही समझाया हूँ । (( और अगर आप एक ब्लॉगर हैं या बनाने वाले हैं तो मै आपको अंत मे एक खास बात बताया हूँ जो आपके काम आयेगा। ))

तो आर एस एस का पूरा नाम [( रियली सिम्पल सिंडिकेशन )] है और पहले इसका नाम ( रिच साइट समरी ) था, लेकिन अभी भी इसको दोनों नामो से जाना जाता है ।

तो ‘आर एस एस’ का इस्तेमाल वैबसाइट मे होता है, और सबसे ज्यादा उन वैबसाइट मे होता है जो ज्यादा से ज्यादा और रोज़ मतलब की प्रतिदिन नया पोस्ट अपलोड करते रहते हैं।

जैसे की कोई समाचार वाला वैबसाइट क्यूंकी ये लोग दिन भर कुछ ना कुछ पोस्ट करते रहते हैं ।

लेकिन अब सवाल ये आता है की इसका काम क्या है, तो भाई इसका काम हम उदाहरण देते हुए समझाएँगे तो कृपया ध्यान से पढ़िएगा ।

अब मान लीजिये आप हमारे वैबसाइट पर किसी चीज की जानकारी ले रहे हैं मतलब की किसी चीज के बारे मे आप पढ़ रहे हैं तो पढ़ते – पढ़ते ही आपको कोई ऐसा हेडिंग/टाइटल दिख जाएगा जिसकी आपको जरूरत थी जिसके बारे मे आप पढ़ना या जानना चाहते थे ।

तो आप उस पर क्लिक करके पढ़ने लगते हैं तभी आपको कोई और दिख जाता है, तो फिर से आप उस पर क्लिक करके पढ़ने लगते हैं , ऐसे ही और भी आपको दिख जाते हैं तो आपको लगता है ये वैबसाइट तो बहुत अच्छी है और मै जो चीज जानना चाहता हूँ वही सब बताया गया है ।

तब आप क्या करते हैं की उस वैबसाइट का नाम याद कर लेते हैं क्यूंकी आप सोचते हैं इस पर कोई नया जानकरी आएगी तो मै देखुंगा।

लेकिन आपको बता दूँ की किसी वैबसाइट पर जाने से कोई गारंटी नहीं होता की आपको नया वाला ही पोस्ट दिखे,, तो इसीलिए “आर एस एस” की जरूरत पड़ती है ।

आप किसी वैबसाइट मे देखेंगे की एकदम नीचे “आर एस एस” लिखा हुआ दिखेगा, जिस पर आप क्लिक करेंगे तो आपको वो सारी पोस्ट दिखेंगे जो नयी – नयी डाली गयी है, और वो भी एक सिरियल से मतलब की जो नया है वो सबसे ऊपर और जो नए वाले पोस्ट से पुराना है वो नए वाले से नीचे और ऐसे ही जो जितना पुराना होता है वो वैसे ही उतनी नीचे होता है और इसी क्रम मे पूरा पोस्ट रहता है । तो इससे आप नए पोस्ट के बारे मे आराम से जाना सकते हैं ।

लेकिन “आर एस एस” मे ही इससे भी बढ़िया एक और तरीका है, और वो क्या है चलिये उसको जानते हैं ।

जब आप यूट्यूब पर विडियो देखते हैं तो अगर चैनल को आप सब्सक्राइब कर लेते हैं, तो जब भी कोई नई विडियो आता है तो आपको नोटिफ़िकेशन मिल जाता है ।

तो ठीक ऐसे ही वैबसाइट मे भी होता है, तो जब आप ‘आर एस एस’

पर क्लिक करके देखते हैं लेटेस्ट पोस्ट को, तभी आप देखते होंगे की एक साइड मे कुछ बॉक्स है जो कीसी फॉर्म की तरह होगा, उसमे देखिये क्या – क्या जानकारी चाहिए, इसके बाद अगर आप उस फॉर्म को भर कर सबमिट कर देंगे तो जैसे ही वैबसाइट पर कोई नयी पोस्ट अपलोड होगी आपके पास नोटिफ़िकेशन आ जाएगा ॥

( तो मैंने शुरुआत मे ही कहा था की अगर आप ब्लॉगर हैं या बनने वाले हैं तो आप कुछ बताना है ,, तो यही बताना था की आप अपने वैबसाइट मे ‘आर एस एस’ कैसे लगाएंगे ? तो अगर आपका वैबसाइट वर्डप्रैस पर है तो आप आप…

(1) सबसे पहले अपने वैबसाइट के डैशबोर्ड पर जाइए ।

(2) अब आप देखेंगे की प्लगइन लिखा हुआ दिख रहा होगा उस पर क्लिक करिए जैसे क्लिक होगा तो आपको कुछ ऑप्शन दिखेगा उसमे से आप ‘ऐड न्यू’ पर क्लिक करिए ।

(3) अब आपके सामने एक सर्च बॉक्स दिखेगा जिसमे आपको लिखना है “ आर एस एस” और लिखने के बाद सर्च करिए, जैसे सर्च करेंगे आपके सामने कुछ ऐप्स टाइप के दिखेंगे जिसमे से आपको उस पर क्लिक करना है जिस पर “आर एस एस” लिखा हो अगर आप क्लिक करेंगे तो वो डाउनलोड हो जाएगा, और आपके वैबसाइट मे “आर एस एस” का ऑप्शन आ जाएगा । )

आपको बता दूँ की आर एस एस का भी एक खुद का वैबसाइट है जिसका नाम (“ डबल्यूडबल्यूडबल्यू . आरएसएस . कॉम “) है यहाँ पर आपको आरएसएस की सारी जानकरी दी गयी है ।

तो उम्मीद है की आप अच्छे से समझ गए होंगे की “ आरएसएस “ को फिर भी कोई दिक्कत हो तो कमेंट बॉक्स मे आप हमसे पूछ सकते हैं , और हाँ अगर पसंद आई हो हमारी जानकारी तो कृपया शेयर जरूर करें उसके पास जिसके पास इसको जरूरत हो ।।

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