शिवसागर के कुछ आकर्षक पर्यटक स्थल – Some Attractive Tourist Places of Sivasagar ?

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शिवसागर एक छोटा सा शहर है पर यह काफी अनोखा नगर है, इसे सिबसागर के नाम से भी जाना जाता है यह एक काफी प्रसिद्ध क्षेत्र है, यहां पर अहोम के महान राजाओं ने 6 शताब्दी के दौरान शासन किया था जिसके पश्चात बर्मियों ने उन्हें पराजित कर दिया, और उसके पश्चात इस पर अंग्रेजों ने कब्जा कर लिया उस समय तो इस क्षेत्र को रंगपुर के नाम से भी जाना जाता था, आज भी इस क्षेत्र में बहुत से ऐसे अवशेष देखने को मिलते हैं जो कि इससे शहर के महान अतीत को बयां करते हैं। आज हम इसी शहर के बारे में जानेंगे, कि Sivasagar Tourist Places तथा Tourist Places in Sivasagar और इसके साथ साथ Sivasagar Picnic Place

के बारे में भी हम बताएंगे, ताकि आप यहां पर आकर अपने परिवार वालों के साथ पिकनिक मना सकें।

Sivasagar Picnic Place – शिवसागर पिकनिक स्थल ?

1. नामदांग स्टोन ब्रिज ( Namdang Stone Bridge )

Tourist Places in Sivasagar में यह बीच में काफी प्रसिद्ध है, इसको देखने के लिए भी पर्यटक रोजाना आते ही रहते हैं, आपको जानकर हैरानी होगी कि यह ब्रिज 300 साल से भी ज्यादा पुराना है, और यह बिल्कुल छोटा सा ब्रिज है और यह नामदंग स्टोन ब्रिज के नाम से इसीलिए जाना जाता है। क्योंकि यह पुल पूरा का पूरा पत्थर से बनाया गया है, और यह नाम दांग नदी के ऊपर बना हुआ है यह पुल National Highway 37 का हिस्सा है।

2. शिवसागर सरोवर ( Sivasagar Lake )

जब आप शिव सागर पहुंचते हैं तो शिव सागर पहुंचने पर सबसे पहले आपको एक विशाल सरोवर दिखाई देता है जो कि शिव सागर सरोवर भी कहलाता है। इस पूरे के पूरे सरोवर में कमल के फूल काफी ज्यादा नजर आते हैं। इस सरोवर पर इतनी ज्यादा मंदिर हैं कि उन्हें देखकर यहां पर आने वाले पर्यटकों को काफी अच्छा भी महसूस होता है।

खास तौर पर इस सरोवर के पास ही मुख्य तीन मंदिर स्थित है जो कि शिवडोल, विष्णुडोल और देवीडोल के नाम से भी जाने जाते हैं, और यह सभी मंदिर लगभग 18 वी शताब्दी के दौरान बनाए गए थे तो आप हिसाब लगा सकते हैं कि यह मंदिर लगभग 300 साल पुराने हैं, और इन मंदिरों को लेकर भी लोगों के मन में अलग-अलग तरह की मान्यताएं हैं खासतौर पर जो बुजुर्ग लोग यहां पर घूमने आते हैं, उन्हें इन मंत्रों को देखकर काफी अच्छा लगता है, और वह इस मंदिर में काफी समय बैठकर अपना समय व्यतीत करते हैं।

3. शिवडोल, विष्णुडोल तथा देवीडोल मंदिर ( Shivdol, Vishnudol and Devidol Temples )

यह तीनों मंदिर शिवसागर शहर में ही स्थित है, और यह तीनों मंदिर अपने आप में ही अलग-अलग मान्यताएं रखते हैं खास तौर पर यह तीनों मंदिर काफी प्रभावशाली हैं और इन तीनों मंदिरों में ही काफी अच्छी वास्तुकला देखने को मिलती है। इसके साथ साथी यह तीनों मंदिर लगभग 300 साल पुराने हैं और इन मंदिरों पर भी हर साल विभिन्न तरह के कार्यक्रम आयोजित कराए जाते हैं, जहां पर भारत के कोने कोने में से लोग आकर इन तीनों मंदिरों में ही काफी अच्छी वास्तु कला देखने को मिलती है, इसके साथ साथी यह तीनों मंदिर लगभग 300 साल पुराने हैं, और इन मंदिरों पर भी हर साल विभिन्न तरह के कार्यक्रम आयोजित कराए जाते हैं जहां पर भारत के कोने-कोने में से लगाकर भाग लेते हैं।

इस मंदिर के अंदर आपको बहुत ही बेहतरीन नक्काशी भी देखने को मिलती है जो कि पुराने समय में की गई है, और इन मंदिरों की दीवारों पर बुरे पत्रों से बनी खुदाई की गई है जो कि दिखने में बहुत ही अच्छी लगती है, यदि आप भी Sivasagar Tourist Places पर जाने की सोच रहे हैं तो इन तीनों मंदिरों को देखना मत भूलिएगा। इन तीनों मंदिरों के आसपास के प्राकृतिक दृश्य तथा इस मंदिर के अंदर का माहौल आपको काफी ज्यादा अच्छा लगेगा और आप काफी शांति भी महसूस करेंगे।

4. जायडोल मंदिर और जायसागर सरोवर ( Zaydol Temple and Jaisagar Sarovar )

जायडोल मंदिर एक बड़े से सरोवर के पास स्थित है जिसे जायसागर भी कहा जाता है, इस सरोवर को राजा रूद्र सिंह ने अपनी माता जायमोती के सम्मान के लिए बनवाया था। यह सरोवर इतना ज्यादा सुंदर है कि यह फूलों और पक्षियों से भरा रहता है, और साथ के साथ इसका पानी भी काफी साफ सुथरा है और इसी के साथ-साथ यहां का माहौल भी काफी शांत रहता है, जहां पर बैठकर आप ध्यान भी लगा सकते हैं।

इसके साथ-साथ यहां का मौसम तो सुहावना होता ही है, जो कि इस माहौल को और भी ज्यादा लुभावना बना देता है यदि आप Sivasagar Picnic Place पर जाना चाहते हैं, तो इस स्थान पर आप अपने परिवार वालों के साथ आकर काफी आनंद उठा सकते हैं, और पिकनिक का मजा ले सकते हैं।

5. शिवसागर में अहोम का साम्राज्य ( Kingdom of Ahom at Sivasagar )

अहोम चीनी लोगों के वंशज थे जोकि कुछ साल पहले हिंदू धर्म में परिवर्तित हो गए थे। उन्होंने हिंदू राजाओं के रूप में काफी लंबे समय तक भारत के कई स्थानों पर राज्य किया है अनुसंधान के मामले में वह बहुत ही दिलचस्प विषय भी बन सकता है यहां पर शासक ही शासन करने वालों के लिए सासितो का धर्म अपनाते थे। शिवसागर सरोवर के पास एक संग्रहालय अभी स्थित है, अहोम के राजाओं के द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली चीजे इस संग्रहालय में रखी हुई हैं यहां पर अहोम वंश के बारे में काफी ऐतिहासिक चीजें जानने को मिलती हैं, जिन्होंने 18 वी सदी के दौरान यहां पर शासन किया था।

यहां पर बड़ी सी मूर्ति भी रखी गई है, जो कि उस समय के शासक के द्वारा बनाई गई थी जब अहोम के राजाओं को दफनाया गया था, तो उनके मृत शरीर पर अच्छे से मिट्टी डालकर उसी स्थान पर एक टीला बना दिया गया था और यही टीले बाद में मैदानों के रूप में काफी ज्यादा प्रसिद्ध हुए, इस क्षेत्र में आपको काफी अलग-अलग तरह के मैदान भी देखने को मिलेंगे जैसे जोरहाट का मैदान यहां पर तरह तरह के खेल खेले जाते हैं। जिन्हें खेलने वाले खिलाड़ी दुनिया के कोने-कोने से आते हैं, यह स्थान Sivasagar Tourist Places का बेहतरीन स्थान है जहां पर घूम कर आ काफी लुफ्त तो उठा सकते हैं।

6. शिवसागर रंग घर (  Sivasagar Coloring House )

शिव सागर में रंग घर भी उपस्थित है जो कि एक अकेला खड़ा स्मारक है, जो कि शिवसागर के बिल्कुल पास में ही स्थित है और यह दो मंजिला ढांचा मुगलों की बिरादरी के जैसा दिखता है, रंग घर के बारे में यह भी कहा जाता हैष कि इस रंग घर को उस समय के राजा ने भैंसों की लड़ाई जैसे खेल आदि को देखने के लिए बनवाया था जो की घरों के आसपास में आयोजित कराए जाते थे। और एक प्रकार से यह उस समय के राजाओं का मनोरंजन का मंडप भी था।

18 वी सदी का यह ढांचा फिकें गुलाबी रंग का है। जिसकी दीवारों पर तरह-तरह के रंग देखने को मिलते हैं, और इसमें अधिकतर फूल पट्टी की बनावट है जो मुगल साम्राज्य के बारे में भी दर्शाती है, और इस महल की छत एक उल्टी नाम के जैसी है जिसमें दोनों सिरों पर मगरमच्छ की खुदाई की गई है, और यह इस घर को चीनी स्वरूप देता है यह भवन बहुत ही छोटी छोटी आंखों से बनाया गया है। जोकि उपयोग की ज्यादातर इमारतों में पाए जाते थे और इस भवन को छूने से भी ले पा गया है जो कि इस भवन को ठंडा रखने का काम करता है, यदि आप भी Tourist Places in Sivasagar पर घूमना चाहते हैंष तो इस स्थान पर घूमने के लिए अवश्य जाएं यह स्थान दिखने में वैसे काफी मनमोहक है।

7. तलाताल घर  ( Talatal House )

शिल्पा दर शहर में रंग घर से थोड़ी ही दूरी पर अहोम राजाओं का पुराने जमाने का सात मंजिला महल भी स्थित है, जिसे तलाताल भी कहा जाता है इस महल की सबसे विशिष्ट बात तो यह है कि उसकी तीन मछली भूमि के नीचे बनी हुई हैं, जहां पर गुप्त सुरंग भी हैं जो महल से बार्बी जाती हैं और बाकी की 4 मंजिले ऊपर की तरफ स्थित है जहां पर अभी थोड़े बहुत कमरे तथा बाकी कुछ अवशेष बचे हैं। क्योंकि यहां पर काफी बार खुदाई भी की जा चुकी है जिससे काफी कुछ बरामद भी किया गया है।

यहां की दीवारों पर तरह-तरह की नक्काशी भी देखने को मिलती है  जोकि  पुराने समय के किस्सों को याद दिलाती है और यहां पर एक शिव मंदिर भी स्थित है। जोकि आप भी बिल्कुल सही स्थिति में खड़ा हुआ है जो कि यहां पास में ही स्थित जल स्त्रोत के पास स्थित है महल से थोड़ा सा दूर एक और स्थल स्थित है, जहां पर गोला बारूद रखा जाता था यह स्थान भी यहां पर आयुर्वेद को काफी ज्यादा पसंद आता है और लोग यहां पर काफी खुश होकर अपनी तस्वीरें भी खिंचवाते हैं, यदि आप Sivasagar Tourist Places पर आते हैं तो आप यहां पर काफी आनंद ले सकेंगे। इसी के साथ साथ जो लोग इतिहास के बारे में अधिक जानना चाहते हैं  उनको तो यहां पर आकर काफी अच्छा महसूस होगा।

Best Time To Visit In Sivasagar In Hindi – शिवसागर आने के लिए कौन सा समय बेहतर रहता है?

हमने Tourist Places in Sivasagar तथा Sivasagar Picnic Place के बारे में तो जान लिया, अब हम आपको यह बता देते हैं कि किस मौसम में आप यहां पर आने का ज्यादा लाभ उठा सकते हैं। तो दोस्तों यदि आपने यहां पर आने की योजना बना ही ली है। तो यदि आप नवंबर से मार्च के मौसम में यहां पर घूमने के लिए आते हैं तो आपको यहां पर घूमने का मजा ज्यादा आता है, क्योंकि इस समय यहां का मौसम थोड़ा ठंडा रहता है और गर्मी में यदि आप यहां पर आते हैं, तो गर्मी में गर्मी ज्यादा महसूस होती है जिसके कारण आप अच्छे से घूम नहीं पाते।

How To Reach Sivasagar In Hindi – शिवसागर कैसे पहुंचे?

शिवसागर आने के लिए आप 3 तरीकों से यहां पर आ सकते हैं, पहला तो है कि आप यदि जहाज में बैठ कर आना चाहते हैं तो जहाज में बैठ कर भी आप यहां पर आ सकते हैं, और आपका काफी समय भी बचेगा आप जोरहाट एयरपोर्ट ( Jorhat Airport ) पर भारत के किसी भी कोने में से जहाज में बैठ कर आ सकते हैं यह इस शहर से 16 किलोमीटर दूर है।

आप यहां पर सड़क मार्ग  ( By Road ) भी पहुंच सकते हैं, यहां की सड़कें सभी शहरों के साथ जुड़ी हुई हैं, और भारत के किसी भी कोने में से आप अपनी खुद की गाड़ी में भी यहां पर आसानी से आ सकते हैं। इसके अतिरिक्त यदि आप बस में आना चाहते हैं तो बस में भी आप आसानी से आ सकते हैं।

यहां पर आप रेल मार्ग ( By Train ) के द्वारा भी आ सकते हैं, शिवसागर से 16 किलोमीटर दूर सिमलगुरी ( Simalguri ) रेलवे स्टेशन है, जहां पर आप किसी भी राज्य से रेलगाड़ी में बैठकर आ सकते हैं यहां की रेलवे लाइन सभी राज्यों के साथ जुड़ी हुई है, और आप बड़े बड़े शहर जैसे दिल्ली, चंडीगढ़, मुंबई, आदि सभी शहरों से यहां की रेलगाड़ी में बैठकर आ सकते हैं।

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