बिहार राज्य के मुजफ्फरपुर में है कुछ ऐसे आकर्षक पर्यटक स्थल जहां पर घूमना चाहेगा हर एक पर्यटक

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मुजफ्फरपुर बिहार राज्य का एक बहुत ही ऐतिहासिक तथा सांस्कृतिक जिला है जो कि अपने लीची के बागों की वजह से पूरे विश्व में जाना जाता है। मुजफ्फरपुर गंडक तथा बागमती नदियों के किनारे बसा एक जिला है मुजफ्फरपुर का नाम ब्रिटिश शासन के एक राजस्व अधिकारी मुजफ्फर खान के नाम पर पड़ा है। मुजफ्फरपुर जिले में बहुत से कुछ खास पर्यटक स्थल है जिन को देखने के लिए पर्यटक विश्व के कोने कोने में से आते हैं मुजफ्फरपुर बहुत ही खूबसूरत तथा आकर्षक मंदिरों का ग्रह भी है। मुजफ्फरपुर उन सभी पर्यटकों के लिए एक बहुत ही यादगार जगह है जो कि आध्यात्मिक तथा धार्मिक सांत्वना की तलाश में है। बिहार आने वाले अधिकतर पर्यटक मुजफ्फरपुर की सैर भी जरूर करते हैं क्योंकि मुजफ्फरपुर एक अलग धार्मिक पहचान भी रखता है। यदि आप अपने परिवार के साथ किसी अच्छी जगह पर घूमने की योजना बना रहे हैं। तो मुजफ्फरपुर एक बहुत ही बेहतरीन जगह है जहां पर अपने परिवार वालों के साथ घुमा जा सकता है। आज इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको Places To Visit In Muzaffarpur तथा Tourist Places In Muzaffarpur और Visiting Places In Muzaffarpur के बारे में बताएंगे।

Tourist Places In Muzaffarpur?

1.  लीची के बाग ( Lychee Gardens )

मुजफ्फरपुर लीची के बाद की वजह से पूरे के पूरे विश्व में जाना जाता है मुजफ्फरपुर जिले में लीची के बगीचों से हर साल 3 लाख टन से भी अधिक लीची प्राप्त की जाती है। पर्यटकों के मन में लीची के इन बगीचों को देखने की चाह काफी अधिक होती है। क्योंकि पर्यटक भी अक्सर देखना चाहते हैं कि इतनी अधिक लीची का उत्पादन जहां से होता है वह जगह कैसी है इसीलिए यहां पर खास तौर पर गर्मियों के मौसम में जब लीची लगती है तो उस समय यहां पर काफी ज्यादा पर्यटक इन बगीचों को देखने आते हैं यहां की लीची भी दूर-दूर तक प्रसिद्ध है क्योंकि यहां की लीची में कुछ अलग ही सुगंध तथा मिठास होती है। इन बातों को देखने का समय मई से जून तक का होता है क्योंकि मई से जून तक के महीने में ही लीची की फसल पक्की हुई होती है। जो कि लीची के बागों की सुंदरता और भी ज्यादा बढ़ा देती है। इसीलिए अगर आप भी Tourist Places In Muzaffarpur में आकर लीची के बाग देखना चाहते हैं तो आपको मई से जून के महीने में ही आना होगा।

2. बाबा गरीब नाथ मंदिर ( Baba Garib Nath Temple )

  • बिहार राज्य के मुजफ्फरपुर जिले में बाबा गरीब नाथ का मंदिर स्थित है और बाबा गरीब नाथ का मंदिर भारत के प्रसिद्ध ऐतिहासिक तथा धार्मिक स्थलों में से एक है इस मंदिर में भगवान शिव की एक मूर्ति है जो कि बाबा गरीब नाथ के रूप में इस मंदिर में स्थापित की गई है यहां के स्थानीय है तथा प्राचीन कथाओं के अनुसार यह कहा जाता है कि इस मंदिर का इतिहास काफी पुराना है यह मंदिर लगभग 300 साल पुराना है इस मंदिर में मिले बहुत से दस्तावेजों के अनुसार इस मंदिर का निर्माण 1812 ईस्वी में करवाया गया था और तभी से लेकर आज तक इसी स्थान पर पूजा-अर्चना होती आ रही है
  • मान्यताओं के अनुसार इस स्थान पर घने जंगलों में 7 पीपल के पेड़ थे। एक बार जंगल की सफाई के दौरान किसी मजदूर ने कुल्हाड़ी से इन पेड़ों को काटना चाहा तो जैसे ही उस मजदूर ने इनमें से एक पेड़ पर कुल्हाड़ी मारी तो उसने देखा कि यहां से खून की धारा बहने लगी। वह डर कर भाग गया और उस मजदूर ने दूसरों लोगों को यह बात बताइए और जब लोगों ने यहां पर आकर देखा। जब उन्होंने इन पेड़ों को काटा तो अचानक से खून जैसा लाल पदार्थ निकलने के पश्चात इस स्थान पर एक विशालकाय शिवलिंग मिला। उसके पश्चात जो इस जमीन का मालिक था उसे रात में चोपन में बाबा दिखे। उन्होंने उस जमीन के मालिक से वहां पर शिवलिंग की स्थापना करने को कहीं और तभी इस स्थान पर शिवलिंग की स्थापना की गई और फिर यहां पर शिवजी की पूजा की जाने लगी। यदि आप भी अपने परिवार वालों के साथ Visiting Places In Muzaffarpur पर घूमने के लिए जा रहे हैं तो इसी स्थान पर जाना गलती से भी मत भूलिएगा।

3. जुब्बा साहनी पार्क ( Jubba Sahni Park )

Muzzafarpur Tourist Places में जुब्बा सहानी पार्क भी प्रसिद्ध है जोकि स्वतंत्रता सेनानी तथा क्रांतिकारी जुब्बा साहनी के नाम पर प्रसिद्ध है। जुब्बा साहनी पार्क भी दूसरे बच्चों के पार्क की तरह ही है। परंतु इस पार्क में काफी ज्यादा हरे भरे पेड़ मखमली घास तथा बहुत ही शांत वातावरण होने के कारण यह स्थान पर्यटकों के लिए बहुत ही पसंदीदा पिकनिक स्पॉट भी बन गया है इस पार्क में बहुत ही अच्छी लाइटें भी स्थित है। जिनके कारण सूर्यास्त होने के पश्चात यह पार्क रोशनी से जगमगा उठता है इस स्थान पर अक्सर लोग शाम के समय पिकनिक मनाने के लिए भी आते हैं। इसके अतिरिक्त इस स्थान पर प्रातः काल के समय भी बहुत से पर्यटक देखे जा सकते हैं क्योंकि यह स्थान बहुत ही ज्यादा शांत है। जिसकी वजह से यहां पर बहुत लोग मन की शांति के लिए ध्यान भी लगाते हैं।

4. रामचंद्र साही संग्रहालय ( Ramachandra Sahi Museum )

बिहार राज्य में बसे मुजफ्फरपुर जिले में रामचंद्र शाही संग्रहालय में स्थित है जिसका निर्माण 1979 ईस्वी के दौरान किया गया था। इस संग्रहालय में बहुत सी ऐसी चीजें रखी गई है जो कि प्राचीन समय के बारे में बताती है। इस संग्रहालय में आपको बहुत ही प्राचीन मूर्तियां तथा बहुत से प्राचीन बर्तन भी देखने को मिलते हैं इसके अतिरिक्त भी बहुत ही अच्छी चीज है इसको देखने को मिलती है जो कि बेहद ही आकर्षक तथा खूबसूरत है। इस संग्रहालय में मौजूद और भी बहुत सी चीजें ऐसी है जो कि मुजफ्फरपुर जिले के बारे में भी काफी कुछ बयां करती हैं। इसीलिए अगर आप Tourist Places In Muzaffarpur पर घूमने के लिए जाते हैं तो इस संग्रहालय को देखने अवश्य जाएं।

5. खुदीराम बोस मैमोरियल ( Khudiram Bose Memorial )

  • खुदीराम बोस मेमोरियल एक 18 साल के सेनानी खुदीराम बोस को समर्पित है जोकि ब्रिटिश मुजफ्फरपुर ( British Muzaffarpur ) के सत्र न्यायाधीश ( Session judge ) किंग फोर्ड ( King Ford ) पर एक बम फेंकने के आरोप में गिरफ्तार किए गए थे खुदीराम बोस एक स्वतंत्र सेनानी थे। इन्होंने दूसरे स्वतंत्रता सेनानी प्रफुल्ल कुमार चौकी के साथ मिलकर किंग्स फोर्ड को बम से उड़ाने की योजना बनाई थी उन्होंने उनकी बग्गी पर बम फेंका था। परंतु दुर्भाग्यवश किंग्स फोर्ड बच गया और इस बम धमाके के कारण दो अंग्रेजी स्त्रियां मारी गई थी। इसी के पश्चात अंग्रेज सिपाही खुदीराम बोस के पीछे लग गए थे तथा प्रफुल्ल कुमार चाकी ने तो खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी परंतु खुदीराम बोस को अंग्रेजों ने गिरफ्तार कर लिया था।
  • जब खुदीराम को अंग्रेजो के द्वारा गिरफ्तार किया गया तो मजिस्ट्रेट ने उन्हें फांसी पर लटकाने का आदेश सुना दिया। उसके पश्चात खुदीराम बोस निर्भय होकर फांसी के तख्ते पर लटक गए। जब खुद ही राम शहीद हुए थे तो तब उनकी आयु सिर्फ 18 वर्ष थी। शहादत के समय खुदीराम इतने ज्यादा लोकप्रिय हो गए थे कि वह बंगाल के जुलाहे उनके नाम की एक खास किस्म की धोती भी बोलने लगे थे और बहुत से एक संगीतकारों ने उनके योगदान के ऊपर बहुत से अमर गीत भी रहे गाए। उनके सम्मान में बहुत से भावपूर्ण गीतों की रचना हुई है जिन्हें आज भी गाया जाता है। यदि आप एक देश प्रेमी है तो आपको इस जगह पर आकर काफी अच्छा लगेगा। इसीलिए अगर आप Places To Visit In Muzaffarpur  पर घूमने के लिए आते हैं तो इस स्थान पर जरूर आइएगा।

6. चतुर्भुज स्थान मंदिर ( Chaturbhuj Sthan Temple )

मुजफ्फरपुर जिले में चतुर्भुज स्थान मंदिर भी स्थित है जो कि भारत में बसे पवित्र मंदिरों में से एक है। परंतु महत्वपूर्ण बात तो यह है यह मंदिर 12वी सदी के दौरान बनवाया गया था। इसीलिए यह मंदिर भारत के सबसे प्राचीन मंदिरों में से एक है इस स्थान पर भी दर्शन के लिए भारत के कोने कोने में से श्रद्धालु आते हैं यह मंदिर भगवान चतुर्भुज मतलब कि श्री हरि विष्णु जी को समर्पित है। इसके अतिरिक्त इस स्थान पर एक प्राचीन शिवलिंग भी स्थित है जो कि लगभग 800 साल पुराना है। इसके अतिरिक्त इस मंदिर में सूर्य महावीर भैरव तथा गणेश भगवान की प्रतिमाएं भी स्थित है जिनके दर्शन यहां पर आए हुए श्रद्धालु करते हैं। इसके अतिरिक्त यह एकमात्र ऐसा मंदिर है जो कि सूर्य मंदिर के नाम से भी प्रसिद्ध है। यह मंदिर मुजफ्फरपुर जिले तथा पूरे बिहार राज्य में काफी प्रसिद्ध है इसीलिए इस मंदिर में दर्शन के लिए दूर-दराज से श्रद्धालु आते हैं।

Best Time To Visit In Muzaffarpur – मुजफ्फरपुर घूमने के लिए कौन सा समय ठीक रहता है?

हमने Tourist Places In Muzaffarpur तथा Visiting Places In Muzaffarpur के बारे में तो जान ही लिया अब हम आपको यह बता देते हैं कि Places To Visit In Muzaffarpur पर किस मौसम में घूमने के लिए आ सकते हैं। तो दोस्तों यदि आपको यहां के प्रसिद्ध लीची के बाग देखने हैं तो आप मई तथा जून में आ सकते हैं और यदि आपको यह नहीं देखने इनके अतिरिक्त दूसरे पर्यटक स्थल देखने हैं। तो आप अपने समय के अनुसार किसी भी मौसम में यहां पर आ सकते हैं।

How To Reach Muzaffarpur In Hindi – मुजफ्फरपुर कैसे पहुंचे?

यदि आप मुजफ्फरनगर जिले में घूमने के लिए आना चाहते हैं। तो हम आपको बता दें दोस्तों आप 3 तरीकों से यहां पर आ सकते हैं जैसे कि :-

1. By Train –

यदि आप रेलगाड़ी के माध्यम से यहां पर आना चाहते हैं तो आप मुजफ्फरपुर में रेलगाड़ी के माध्यम से आसानी से पहुंच सकते हैं। क्योंकि मुजफ्फरपुर का अपना खुद का रेलवे स्टेशन ( Muzaffarpur Railway Station ) है। जो कि भारत के दूसरे रेलवे स्टेशन के साथ रेल की पटरियों के माध्यम से जुड़ा हुआ है। इसलिए आप भारत के किसी भी बड़े शहर से मुजफ्फरपुर में रेल मार्ग

के द्वारा आसानी से आ सकते हैं।

2. By Road –

यदि आप सड़क मार्ग के द्वारा यहां पर आना चाहते हैं तो भी आप आसानी से आ सकते हैं। यहां पर आप NH22 के माध्यम से आसानी से पहुंच सकते हैं मुजफ्फरपुर की सड़कें बिहार राज्य के दूसरे शहरों तथा भारत के दूसरे राज्यों से जुड़ी हुई है। जिसके माध्यम से आप अपनी गाड़ी तथा बस में बैठकर भी यहां पर आसानी से पहुंच सकते हैं।

3. By Air –

यदि आप सफर के दौरान अपना ज्यादा समय बर्बाद नहीं करना चाहते तो आप हवाई जहाज के माध्यम से भी मुजफ्फरपुर पहुंच सकते हैं। इसके लिए पहले आपको पटना एयरपोर्ट ( Patna Airport ) पर आना होगा और पटना एयरपोर्ट पर आप भारत के किसी भी दूसरे राज्य से आसानी से पहुंच सकते हैं। पटना एयरपोर्ट से मुजफ्फरपुर की दूरी 75 किलोमीटर है आप पटना एयरपोर्ट से मुजफ्फरपुर आने के लिए प्राइवेट टैक्सी का सहारा भी ले सकते हैं।

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