जानिए सीतामढ़ी के रहस्यमई तथा अद्भुत पर्यटक स्थल के बारे में?

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सीतामढ़ी के बारे में तो आप सभी ने सुना ही होगा सीतामढ़ी एक ऐसा स्थान है। जो भारत में ही नहीं बल्कि भारत के अतिरिक्त में अन्य देशों में प्रसिद्ध है। सीतामढ़ी पर बहुत से ऐसे अद्भुत तथा रहस्यमई पर्यटक स्थल हैं जिन को देखने के लिए पर्यटक दुनिया के कोने कोने में से आते हैं। मां सीता का यह प्रकट स्थल पूरे साल श्रद्धालुओं से भरा रहता है और यहां बहुत से से मंदिर, मठ तथा कुंड है जिन्हें देखना लोगों के लिए सिर्फ एक सपना है। आज हम आपको Sitamarhi Tourist Places तथा Sitamarhi Famous Place

 और Tourist Places In Sitamarhi के बारे में विस्तार से बताएंगे।

Tourist Places In Sitamarhi 

1. श्री राम महाकतु स्तंभ ( Shri Ram Mahakatu Pillar )

Sitamarhi Famous Place पर यह स्थान भी काफी प्रसिद्ध स्थान है। श्री राम महाकतु स्तंभ 85 स्तंभों में से एक है इस स्तंभ की स्थापना 1987 को पुष्य नक्षत्र में संत श्री त्रिदंडी रामानुज के द्वारा की गई थी। इस स्तंभ के चारों ओर संगमरमर की पट्टीकाओं के ऊपर रामायण के मूल मंत्र तथा राम मंत्र लिखे हुए हैं। इसके साथ साथ इस स्तंभ के एक शीलापट्ट पर संस्कृत का उल्लेख भी किया गया है पहले यह स्तंभ अंदर से पूरी तरह खोखला था। परंतु आपको जानकर हैरानी होगी कि यहां पर आने वाले राम भक्तों ने इस स्तंभ के खोखले पूरे हिस्से में कागज के टुकड़ों पर राम-राम लिखकर डाला है। जिसके कारण इसका खोकला हिस्सा पूरी तरह से भर चुका है श्रद्धालुओं के लिए यह स्थान श्रद्धा भक्ति का केंद्र है। सभी श्रद्धालुओं तथा यहां के स्थानीय लोगों का यह मानना है कि यहां पर श्री राम वास करते हैं और वह यहां पर आने वाले अपने सभी भक्तों की मनोकामनाओं को पूर्ण करते हैं।

2. हनुमान मंदिर ( Hanuman Temple )

बिहार में स्थित सीतामढ़ी स्थान पर हनुमान जी का एक मंदिर स्थित है। यह मंदिर लगभग 800 साल पुराना है और यह एकमात्र ऐसा मंदिर है जो दक्षिण मुखी हनुमान जी का मंदिर है इस मंदिर के आसपास शनिदेव का मंदिर भी स्थित है। इस मंदिर को लेकर लोगों के मन में बहुत ही श्रद्धा बहाव है। क्योंकि यह मंदिर भारत में स्थित सभी प्राचीन मंदिरों में से एक है इसीलिए यहां की स्थानीय लोगों का भी यह मानना है कि इस मंदिर में हनुमान जी हमेशा वास करते हैं और इसीलिए इस मंदिर में दर्शन के लिए हनुमानजी के भक्त दूर-दूर से आते हैं। यदि आप अपने परिवार के साथ Tourist Places In Sitamarhiपर घूमने के लिए आ रहे हैं तो हनुमान जी के दर्शन जरूर करें।

3. श्री श्याम मंदिर ( Shri Shyam Temple )

सीतामढ़ी स्थान पर श्री श्याम मंदिर भी स्थित है और यह मंदिर भारत में स्थित सबसे प्राचीन मंदिरों में से एक है इस मंदिर का इतिहास लगभग 1000 साल पुराना है यह मंदिर अपने आप में एक बहुत से रहते हैं छुपाए हुआ है। इस मंदिर के दर्शन करने के लिए भी लोग भारत के विभिन्न राज्यों से आते जाते रहते हैं यह मंदिर इतना ज्यादा पुराना है। इसीलिए इस मंदिर को लेकर लोगों के मन में काफी श्रद्धा भाव है अगर आप भी सीतामढ़ी स्थान पर घूमने के लिए आ रहे हैं। तो Sitamarhi Tourist Places के इस मंदिर के दर्शन जरूर करें।

4. अहिल्या स्थान ( Ahilya Place )

सीतामढ़ी से लगभग 59 किलोमीटर की दूरी पर अहिल्या स्थान स्थित है और यह स्थान पूरे भारत में प्रसिद्ध है। खासतौर पर जिन लोगों ने रामायण देखी है तो वह नाम से ही समझ गए होंगे कि यह कौन सा स्थान है जिन लोगों को नहीं पता उन्हें बता दें कि यह वही स्थान है। जहां पर श्री राम के चरण स्पर्श करते ही एक पत्थर अहिल्या के रूप में तब्दील हो गया था। अहिल्या श्री गौतम ऋषि की पत्नी थी और एक श्राप के कारण पत्थर में बदल गई थी परंतु इस श्राप से मुक्ति रहे तभी पा सकती थी। जब श्रीराम उन्हें स्पर्श करते और जैसे ही श्रीराम के चरण उस पत्थर पर स्पर्श हुए तो वह अपने वास्तविक रूप में आ गई इसीलिए इस स्थान पर भी पर्यटक दूर-दूर से घूमने के लिए आते हैं। खासतौर पर हिंदू धर्म के लोगो के मन में तो इस स्थान को लेकर बहुत सी मान्यताएं प्रसिद्ध है। खास तौर पर जो भी पर्यटक Sitamarhi Famous Place पर अपने परिवार वालों के साथ घूमने आते हैं तो वह इस स्थान पर जरूर आते हैं।

5. गोरौल शरीफ ( Goraul Sharif )

बिहार शरीफ और फुलवारी शरीफ के पश्चात यदि मुस्लिम धर्म के किसी पवित्र स्थल का नाम लिया जाता है। तो वह गोरौल शरीफ है। यह स्थान मुस्लिम धर्म के लोगों के लिए काफी ज्यादा पवित्र स्थान हैं यह स्थान सीतामढ़ी से लगभग 26 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस स्थान पर भारत के कोने कोने में से इस्लाम धर्म के लोग आते जाते रहते हैं। यह स्थान मुस्लिम धर्म के लोगों के लिए काफी खास महत्व रखता है। इसीलिए दूर दराज से मुस्लिम धर्म के लोग यहां पर मन्नत मांगने आते हैं।

6. सीता कुंड ( Sita kund )

सीतामढ़ी से लगभग 5 किलोमीटर की दूरी पर पूरा गांव स्थित है यह स्थान दुनिया भर के पर्यटकों के लिए एक खास पर्यटक स्थल है। क्योंकि यही वह स्थान है जहां पर सीता माता का जन्म हुआ था। ऐसा माना जाता है इसी स्थान पर मिथिला नरेश राजा जनक ने भगवान इंद्र देव को प्रसन्न करने के लिए अपने हाथों से हल चलाया था और इसी दौरान मिट्टी में से देवी सीता मिली थी यहां पर एक मंदिर तो स्थित ही है। इस मंदिर के साथ-साथ यहां पर एक कुंड भी स्थित है। जिसको लेकर यहां के स्थानीय लोगों के मन में यह मान्यता है कि इस कुंड में देवी सीता स्नान किया करती थी। जब कभी भी Sitamarhi Famous Place के बारे में बात होती है तो इस स्थान का नाम सबसे पहले लिया जाता है।

7. जानकी स्थान मंदिर ( Janaki Sthan Temple )

सीतामढ़ी स्थान पर कुल 2 किलोमीटर की दूरी पर जानकी मंदिर स्थित है। इस जानकी मंदिर में भगवान श्री राम कथा सीता माता और लक्ष्मण जी की मूर्ति है यह स्थान जानकी मंदिर जी के नाम से प्रसिद्ध है। यहां पर आने वाले पर्यटकों के आकर्षण का कारण भी है Sitamarhi Tourist Places पर आने वाले लोग इसी स्थान पर भी जरूर जाते हैं।

8. हलेश्वर स्थान

यह स्थान सीतामढ़ी से कुल 7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और यह स्थान विश्व भर में प्रसिद्ध है। इस स्थान के प्रसिद्ध होने के पीछे का कारण यह है कि इस स्थान पर राजा जनक ने एक शिवलिंग की स्थापना की थी और राजा जनक के द्वारा ही इस स्थान पर शिव मंदिर भी बनवाया गया था। इसीलिए यह स्थान इतना ज्यादा प्रसिद्ध है कि यहां पर रोजाना भारी मात्रा में पर्यटक देखने को मिलते हैं और अब इस Mandir को 2004 में फिर से अच्छी तरह से बनवाया गया है तथा इसकी मरम्मत भी करवाई गई है। इस स्थान पर शिव भक्त काफी दूर-दूर से दर्शन के लिए आते हैं और यदि देखा जाए तो यह स्थान भारत में मौजूद सभी प्राचीन स्थानों में से एक है जहां पर राजा जनक के द्वारा शिवलिंग की स्थापना की गई थी। अगर Sitamarhi Famous Place की बात की जाए तो यह स्थान पूरे भारत में सबसे मशहूर स्थानों में से एक है।

Best Time To Visit In Sitamarhi – सीतामढ़ी टूरिस्ट प्लेसिस पर घूमने के लिए कौन सा मौसम ठीक रहता है?

हमने Tourist Places In Sitamarhi तथा Sitamarhi Tourist Places के बारे में तो जान ही लिया। अब हम यह जान लेते हैं कि Sitamarhi Famous Place पर घूमने के लिए कौन सा समय है ठीक रहता है तो दोस्तों वैसे तो ज्यादातर सभी पर्यटक उसी समय आते हैं जब उनके पास घूमने के लिए समय होता है। परंतु हम आपको बता दें कि यदि थोड़ा ठंडे समय में यहां पर घुमा जाए तो घूमने का मजा दोगुना हो जाता हैं। इसीलिए आप अगर नवंबर के महीने से लेकर मार्च तक के महीने में यहां पर घूमने आते हैं तो उस समय यहां पर मौसम ठंडा रहता है और ठंडे मौसम में घूमने का मजा भी अत्यधिक आता है।

How To Reach In Sitamarhi Tourist Places – सीतामढ़ी पर्यटक स्थलों पर कैसे पहुंचे?

अगर आप Sitamarhi Tourist Places पर घूमने के लिए आ रहे हैं तो दोस्तों आप यहां पर 3 तरीकों से घूमने के लिए आ सकते हैं जैसे कि :-

By Road –

पहला तरीका तो यह है कि आप सड़क मार के द्वारा यहां पर पहुंच सकते हैं। बिहार में बसे सीतामढ़ी की सड़कें बिहार के दूसरे शहरों तथा भारत के दूसरे राज्यों के साथ जुड़ी हुई है। जिनके माध्यम से आप सीतामढ़ी आसानी से पहुंच सकते हैं आप यदि अपनी खुद की गाड़ी में आना चाहते हैं तो खुद की गाड़ी से भी आ सकते हैं। इसके अतिरिक्त आप बस में बैठ कर भी यहां पर पहुंच सकते हैं।

By Train –

अगर आप ही गाड़ी के माध्यम से इस स्थान पर पहुंचना चाहते हैं तो आप रेलगाड़ी के माध्यम से भी इसी स्थान पर आसानी से पहुंच सकते हैं। क्योंकि सीतामढ़ी का अपना खुद का रेलवे स्टेशन है जो कि बिहार के दूसरे शहरों तथा भारत के दूसरे राज्यों के साथ रेल मार्ग द्वारा जुड़ा हुआ है इसलिए आप भारत के सभी बड़े बड़े शहर जैसे दिल्ली, कोलकाता, मुंबई, चंडीगढ़ आदि से रेलगाड़ी के माध्यम से यहां पर पहुंच सकते हैं।

By Air –

यदि आप हवाई जहाज के माध्यम से सफर करना चाहते हैं तो आप हवाई जहाज के माध्यम से भी सीतामढ़ी स्थान पर आसानी से पहुंच सकते हैं। सीतामढ़ी स्थान पर हवाई जहाज से आने के लिए आपको दरभंगा एयरपोर्ट ( Darbhanga Airport ) पर आना होगा क्योंकि सबसे नजदीकी एयरपोर्ट दरभंगा एयरपोर्ट ही है। जो कि सीतामढ़ी से 85 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और दरभंगा एयरपोर्ट पर आकर आप प्राइवेट टैक्सी तथा बस के माध्यम से सीतामढ़ी पहुंच सकते हैं।

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